देश के लिए सैन्‍य सेवा में भर्ती होना सिर्फ एक नौकरी नहीं है. ये देश के लिए किया जाने वाला सबसे बड़ा कर्म है. ना सिर्फ सैनिक बल्‍क‍ि उसके परिवार के लिए देश सेवा सबसे बड़ा धर्म होता है. जी हाँ ऐसा ही कुछ गरिमा अबरोल ने किया.

 

दरअसल 1 फरवरी 2019 को विमान क्रैश होने से शहीद हुए स्‍क्‍वाड्रन लीडर समीर अबरोल की पत्नी गरिमा अबरोल अब जल्द ही वायु सेना में शामिल होने वाली हैं. पति की शहादत के बाद उन्होंने वायुसेना में शामिल होने का फैसला किया था.

आपको बता दें, 1 फरवरी को बेंगलुरु में दुर्घटना ग्रस्त एयरफोर्स के मिराज-2000 विमान हादसे में स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल और को- पायलट सिद्धार्थ नेगी शहीद हुए थे. वहीं समीर अबरोल शहीद होने के बाद गरिमा ने खुद को भारतीय वायु सेना में शामिल होने का फैसला किया. इसकी जानकारी लेखिका, स्वप्निल पांडे ने फेसबुक पर एक पोस्ट अपलोड करते हुए दी.

आपको बता दें गरिमा 33 साल की है. वह जालंधर की रहने वाली है और एक फिजियोथेरेपिस्‍ट हैं और बेंगलुरु में रहती हैं. इसी के साथ वह जुम्‍बा इंस्‍ट्रक्टर भी हैं. समीर से उनकी शादी साल 2015 में हुई थी.

बता दें, जब उनसे पूछा कि वायु सेना सब कुछ के बाद क्यों? उसने कहा, “मैं वास्तव में यह देखना चाहती हूं कि सेना के जूते पहनने के बाद जीवन कैसा होता है. उन्होंने कहा पति की तरह समान वर्दी पहनना भी मुझे एक मकसद देता है.

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बता दें परिवार गम के भंवर में डूब गया. लेकिन अब उनकी पत्नी गरिमा अबरोल ने तय किया है कि वो पति को एयरफोर्स जॉइन कर सच्‍ची श्रद्धांजलि देंगी.

जी हाँ शहीद हुए स्‍क्‍वाड्रन लीडर समीर अबरोल की पत्नी जल्द ही फाइटर प्लेन उड़ाती नजर आएंगी. उन्होंने एयरफोर्स में शामिल होने के लिए एएफएसबी,afsb वाराणसी में हुए सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू को क्लियर किया है. अब इंडियन एयर फोर्स का हिस्सा बनेंगी. वह जनवरी 2020 में एयरफोर्स में शामिल हो जाएंगी.

साथ ही आपको बता दें फेसबुक पर लेखक स्‍वप्‍न‍िल पांडे ने एक पोस्‍ट के जरिए गरिमा के फैसले को सम्‍मान दिया है और सलाम किया है. उन्होंने गरिमा के इस फैसले जिक्र किया साथ ही उनको सम्मान भी दिया. वो लिखती हैं, ‘आर्म्‍ड फोर्स के लोगों की पत्‍न‍ियां किसी खास धातु की बनी होती हैं.

एक सैनिक बनाने और राष्ट्र के लिए योद्धाओं की एक पूरी टुकड़ी बनाने में कई साल लग जाते हैं. ऐसे लोगों के साथ रिश्‍ता निभाने वाली महिलाएं विशेष होती हैं, क्‍योंकि उन्‍हें पता होता है कि उनके पति के लिए सबसे पहले उनकी वर्दी है।‍’

स्‍वप्‍न‍िल आगे लिखती हैं, ‘गरिमा अबरोल याद है. वो स्‍क्‍वाड्रन लीडर समीर अबरोल की पत्‍नी हैं. समीर फरवरी महीने में बेंगलुरु में मिराज-2000 लड़ाकू विमान हादसे में शहीद हो गए थे. बता दें उनकी पत्नी गरिमा अबरोल हाल ही इंस्‍टाग्राम पर एक पोस्‍ट शेयर किया है. उन्होंने इस पोस्ट में लिखा कि

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‘मेरे आंसू अभी भी सूखे नहीं हैं और मुझे अपने पति को एक कप चाय के साथ सिर ऊंचा कर राष्ट्र की सेवा के लिए भेजना बहुत पसंद था. जब वो बाहर निकलते हैं तो परिवार के अलावा कोई नहीं रोता है. ये आपको कोई सेलिब्रिटी नहीं बनाता। मीडिया इसे एक दिन के लिए कवर करता है और फिर छोड़ देता है कि एक फाइटर पायलट बनाने में दशक कैसे लगते हैं.’

लेख‍िका ने अपने पोस्‍ट में आगे बताया है कि गरिमा अबरोल का साहस देखते ही बनता है. उन्‍हें एएफएसबी वाराणसी से एएफए में शामिल होने की सिफारिश की गई है.वह जनवरी 2020 में इसमें शामिल होगी.

लेख‍िका ने जब गरिमा से पूछा कि इतना सब होने के बाद वायुसेना क्‍यों? इस पर गरिमा ने जवाब दिया ‘मैं असल में यह देखना चाहती हूं कि समीर की वर्दी में जीवन कैसा दिखता है. विरासत को आगे बढ़ना है. उसकी तरह वर्दी पहनना मुझे जीवन जीने का मकसद देता है.’

लेख‍िका लिखती हैं कि ये सब सुनने के लिए उनके पास शब्‍द नहीं बचे। स्‍वप्‍न‍िल लिखती हैं, ‘हम में से बहुत से लोग जीवन में एक अवसर खो देने के बाद जीने के लिए उत्साह खो देते हैं. लेकिन यहां यह महिला है, एक लड़ाकू पायलट की पत्नी, जिसने तबाह होने को नहीं चुना, बल्कि कड़ी मेहनत की, अपने आंसू पोंछे और उन अपने पति के अधूरे काम को पूरा करने के लिए आगे बढ़ गई.’

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स्‍वप्‍न‍िल पांडे अपने पोस्‍ट में लिखती हैं, ‘मैं वास्तव में चाहती हूं कि लोग नकली हस्तियों की बजाय ऐसी महिलाओं से प्रेरणा लें और अपने बच्चों को विशेष रूप से युवा लड़कियों को ऐसी महिलाओं के बारे में बताएं, जो बाधाओं को पार कर ऊपर उठने का बेहतरीन उदाहरण हैं.’

आपको बता दें फेसबुक पर स्‍वप्‍न‍िल पांडे के इस पोस्‍ट को खूब पसंद किया जा रहा है.यूजर्स गरिमा अबरोल की तारीफ कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक इस पोस्‍ट को 2500 से अध‍िक शेयर किया जा चुका है। लोग गरिमा के साहस का सलाम कर रहे हैं.

आपको बता दें इससे पहले भी 2017 में शहीद हुए मेजर प्रसाद महादिक की पत्नी गौरी महादिक ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर देश की सेवा करने का फैसला किया था. पेशे से वकील गौरी महादिक ने अपने पति की शहादत के बाद नौकरी छोड़ दी थी.उनके पति मेजर महादिक दिसंबर 2017 में कैंप में आग लगने से शहीद हो गए थे.

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