ठंड से बचने के लिए लोग आग जलाते हैं, गर्म कपड़े पहनते हैं, गर्म चीजें खाया-पीया करते हैं, लेकिन अगर शरीर में ठंड ज्यादा बढ़ जाए तो उसका एक इलाज ड्रिंक भी होती है। क्योंकि शराब बॉडी में गर्मी लाती है। इंसान इसका यूज करते हैं, ये आपको पता होगा, लेकिन कोई जीव भी अपनी ठंड दूर करने के लिए शराब पीते हैं ये शायद ही आपने सुना हो।

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जीहां, मछली एक ऐसा ही जीव है, जो ठंड ज्यादा होने पर ड्रिंक सहारे खुद को जिन्दा रखती हैं। ये मछलियां ठंड में ऑक्सीजन ना मिलने पर शराब से काम चलाया करती हैं। ये दावा वैज्ञानिकों ने किया है। वैज्ञानिकों की माने तो, गोल्डफिश एक ऐसी ही मछली है, जो सर्दियों में शराब पीकर जिन्दा रहती है। दरअसल ठंड में इन मछलियों को ऑक्सीजन मिलनी मुश्किल हो जाती है। तब ये मछली शराब पीकर ऑक्सीजन की पूर्ति करती है।

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Golden fish

आस्लो यूनिवर्सिटी और लिवरपूल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है, कि पानी को बर्फ बना देने वाली सर्दियों में, जब पानी का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से बर्फ से जम जाता है, उस समय नीचे पानी में रहने वाले जीवों को ऑक्सीजन की कमी होने लगती है, तब गोल्डफिश अपने शरीर में पैदा होने वाले लैक्टिक एसिड को इथेनॉल में बदलना शुरु कर देती है, ये इथेनॉल उनके गिल्स के आस-पास फैल जाता है और उनके शरीर में घातक लैक्टिक एसिड को बनने से भी रोकता है।

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लीवरपूल यूनिवर्सिटी के माइकल बेरेनब्रिंक रिसर्चर ‘मेग्जीन साइंटिफिक’ रिपोर्ट्स में छपी रिपोर्ट में कहते हैं, कि नॉर्थ यूरोप में जब कडाके की ठंड पडती है, तो वहा पानी में बर्फ जम जाती है, तब मछलियों को ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। लेकिन वो फिर भी जिन्दा रह लेती हैं, क्योकि मछलियों के ब्लड में प्रति 100 मिलीलीटर में शराब की मात्रा 50 मिलीग्राम तक पहुंच जाती है, जो यूरोप में गाडियां चलाते वक्त खून में शराब की मात्रा से कही ज्यादा है। इस तरह पानी के अंदर भरी ठंड में भी गोल्डफिश और इसी नस्ल की अन्य फिश खुद को ऑक्सीजन की कमी में शराब पीकर जिन्दा रखती है। जिसे वो कई दिनों और यहां तक की कई महिने तक खुद को जिन्दा रख पाती है।

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