घरों को खूबरसूरत बनाने और इन्हें सजाने के लिए लोग तरह की पेंटिग्स, फोटो फ्रेम्स, झूमर और रिंगचैन्स का इस्तेममाल करते हैं, लेकिन एक और चीज़ घरों में सबसे ज्यादा लगी होती है, मनी प्लांट, वैसे तो इसे घर में पैसे की बारिश और बरकत के लिए लगाया जाता है, लेकिन ये घर को खूबसूरती भी देता है। लोगों का एक विश्वास है, कि घर में इसे लगाने से घर में पैसा आएगा, बरकत रहेगी। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि एक पौधे के पैसा देने की कहानी कहां से शुरू हुई और ये पौधा कैसे मनी प्लांट बन गया। यकीनन नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं एक सामान्य से पौधा केैसे मनी प्लांट बन गया और क्या इस पौधे के घर में लगाने से वाकई पैसे की बरकत हो सकती है?

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मनी प्लांट दिखने में जितना सुंदर और फ्रेश लगता है, उसके पीछे की कहानी भी उतनी ही खूबसूरत है। वैसे तो पौधों को सूरज की रौशनी की सख्त ज़रूरत होती है, उसके बिना वो जिंदा नहीं रह सकते। लेकिन मनी प्लांट घर के अंदर सूरज की रोशनी के बिना ही अपने आप को न सिर्फ जीवित रख लेता है, बल्कि अपने आप को फैलाता भी है। दरअसल इस पौधे की कहानी एक किसान से जुड़ी है, जिसके जीवन में इस पौधे ने प्रकाश भर दिया था, तभी से इस पौधे पर लोगों का विश्वास बैठ गया है, कि ये पौधा सुख, समृध्दि और रुपए-पैसे के साथ ही घर में खुशियां लाता है।

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पौधे के ‘मनी प्लांट’ बनने की कहानी

पौधे की इस कहानी में अहम किरदार एक गरीब किसान हैं। ये किसान ताइवान में रहता था। दिन रात एक करके ये किसान बेहद कड़ी मेहनत करता था, लेकिन फिर भी किसान तरक्की नहीं कर पा रहा था। वो मेहनत तो करता, लेकिन उसकी मेहनत का वाजिब फल उसे नहीं मिल पाता था। इस वजह से वो हर वक्त उदास रहने लगा था। लेकिन कहते हैं, दुख के बादल ज्यादा दिन नहीं छाये रहते हैं और ये बादल छंटते ही खुशी के बादल आ जाते हैं। ऐसा ही कुछ किसान के साथ भी हुआ और एक दिन अचानक उसे खेत में एक नन्हा पौधा नज़र आया, जो दिखने में बेहद अलग था।

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इस यूनिक पौधे को देखते ही किसान उसे उठाकर अपने घर ले आया और घर के बाहर मिट्टी में लगा दिया। धीरे-धीरे वो पौधा खुद ही बढने लगा। किसान को उस पौधे पर ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी वो खुद ही बढ़ता चला गया। किसान ने देखा, कि ये पौधा बेहद ही लचीला है और बिना किसी मदद के खुद ही बढ रहा है। किसान को इस पौधे को देखकर यही प्रेरणा मिली कि उसे भी लचीला होना चाहिए और बिना किसी की मदद की आस लिए अपने मकसद की और खुद ही बढना चाहिए। पौधे ने किसान के दिमाग में ये बात डाली, कि मेहनत करते जाओ फल अपने आप एक दिन ज़रुर मिलेगा।

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किसान का पौधा जैसे-जैसे बढ़ता और फैलता गया, ठीक उसी तरह किसान भी अपने काम में सफल होता गया। पौधा बढता जा रहा था, उसमे फूल तक आने लगे थे और इधर किसान को भी काम मे तरक्की मिलने लगी थी। बस उसी दिन से लोगों ने किसान के घर के बाहर लगे पौधे को किसान की सफलता का राज मान लिया और धीरे-धीरे लोगों ने उसे समृध्दि से जोडकर नन्हे पौधे का नाम मनी प्लांट रख दिया।

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इस कहानी के अलावा मनी प्लांट के साथ कई और मान्यताएं जुड़ी हुई हैं, जिसमें फेंगशुई के मुताबिक ये पौधा आस-पास की हवा को शुद्ध बनाता है और रेडिएशन को कम करने में मदद करता है और ऑक्सीजन छोड़ता है, इसीलिए ये घर में शुद्ध वातावरण बनाने में मददगार साबित होता है। इन सभी आधारों और किसान की कहानी को देखते हुए यही कहा जा सकता है, कि पौधा सिर्फ एक प्रेरणा का प्रतीक है जिसने किसान के अंदर हार ना मानने का हौसला जगाया। यानी इंसान को जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए, प्रॉब्लम आने पर भी उसका हल निकालना चाहिए, ना की दुखी होकर बैठ जाना चाहिए।