गोवा के एक विधायक ने सदन में कंडोम का मुद्दा क्या उठाया, कंडोम और सनी लियोनी दोनों फिर चर्चा में आ गए। हम सबको ये पता है, कि सनी कहां से आई लेकिन ये नहीं पता, कि ये कंडोम नाम की बला आई कहां से? कंडोम, जिसका  नाम सुनते ही, हम बगले झांकने लगते हैं। कोई सुन ले तो आफत। दुकान में जाएंगे तो कंडोम ऐसे मांगते हैं, जैेसे कोई प्रतिबंधित हथियार मांग रहे हो, और उसे ऐसे ही छिपाकर भी ले जाते हैं। घर में फैमिली के साथ बैठे हो और सनी लियोनी फ्लेवर्ड कंडोम के विज्ञापन को लेकर अपने अश्लील अवतार में आ जाए, तो पिताजी कही और झांकते हैं और बेटा कहीं और। लेकिन इसका यूज़ करते सब हैं। अब सवाल ये, कि जो कंडोम आज यूज़ हो रहा है, क्या ये पहले भी मौजूद था ? अगर नहीं, तो फिर सेक्स के दौरान सेफ्टी के लिए हमारे पुर्वज क्या इस्तेमाल करते थे ? सवाल जायज है, और इसके जवाब भी है, क्योंकि कंडोम पहले से यूज़ होते रहे हैं, लेकिन उनके रूप जरा अलग होते थे। 

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Condom के एड में सनी लियोनीये पढ़कर आप ये सोच सकते हैं, कि जिस जमाने में लोगों को सेक्स के बारें में खासी जानकारी नहीं होती थी, उस वक्त में कंडोम कहां से आते होंगे ? तो आपको बता दें, कि आज पॉपुलेशन कंट्रोल करने के लिए सरकार जो कंडोम बांटती हैं और जो सस्ते से लेकर महंगे कंडोम मार्केट में असानी से मिल जाते हैं, वे आज की नहीं बल्कि सदियों पुरानी देन हैं। कंडोम पहले भी यूज़ किए जाते थे। लेकिन हां इन्हें केवल अमीर घरों के लोग ही यूज़ कर पाते थे। इसके पीछे भी इतिहास छिपा हुआ है। जैसे दुनिया में विज्ञापन का इतिहास अजंता की गुफाओं से शुरु हुआ ठीक उसी तरह कंडोम के इतिहास का राज भी गुफाओं के चित्रो से पता लगाया गया है। इन चित्रों में आदिम इंसानों को कंडोम के तौर पर कछुए का कवच और सींग को यूज़ करते देखा गया है। ।

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this picture proved condom histroy

SKYN की रिसर्च के मुताबिक सबसे पुराना कंडोम 15 हजार बीसी के आसपास गुफाओं में बनी फोटो में देखने को मिला। इन चित्रों में लोगों ने अपने प्राइवेट पार्ट को नुकीली चीज़ से कवर किया हुआ था। हालांकि ये बात पूरी तरह से साफ नहीं हुई है, कि किस चीज़ से पेनिस को कवर किया गया था। इसके बाद जब ईसा काल शुरु हुआ तब कंडोम का प्रचार-प्रसार बढ़ने लगा। इन्होंने हाथ से सील कर बनाए जाते थे। 15वीं सदी में एशिया में प्राइवेट पार्ट को ढ़कने वाले ही कंडोम हुआ करते थे, जिन्हें सिर्फ ऊंची जातियों के लोग ही इस्तेमाल किया करते थे। उसी दौरान चीन में ऑइल सिल्क पेपर और भेड़ की आंतों से कंडोम बनते थे और जापान में इन्हें कछुए के शेल यानी उसके कवच या किसी जानवर के सींग से बनाया जाता था।  

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Demo Pic- Condom की लिकेज टेस्टिंगवक्त और सदी बीतने के साथ-साथ कंडोम को बनाने के तरीकों में भी कई बदलाव आए। 15वीं सदी के बाद 1839 में चार्ल्स गुडइयर ने पहले रबड कंडोम की खोज की। इसमें वल्केनाइजेशन केमिकल प्रोसेस का यूज किया गया, इस प्रोसेस में रबड़ को ड्युरेबल मटीरियल में बदल दिया जाता है। 1844 में चार्ल्स ने इस कंडोम का पटेंट लिया और फिर 1855 में पहला रबड कंडोम बनाया गया। इसके बाद 1850 में रबड कंडोम का बडे लेवल पर प्रोडक्शन किया जाने लगा। आपको बता दें कि पहला रबड का कंडोम साइकिल ट्यूब जैसा पतला था, जो आज के कंडोम के मुकाबले बेहद मोटा हैं।

Demo pic

ब्रिटेन ने 1957 में पहला लूब्रिकेटेड कंडोम लाया, जिसके बाद 1990 के आते इन कंडोम में कई नए बदलाव देखने को मिले और 2008 के बाद कलरफुल, टेक्चर्ड और फ्लेवर्ड कंडोम मार्केट में आने लगे और अब अचार के फ्लेवर वाला अचार सबसे लेटेस्ट चल रहा है।

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