एक तरफ जहां देश दिनों दिन विकास की सीढ़ियां चढ रहा है तो वहीं दूसरी ओर इसी देश में आज भी कुछ ऐसी जगह मौजूद हैं जहां अंधविशवास और ढकोसलों में इंसान की मानसिक्ता बंध कर रह गई है. जहां एक ओर अंधविश्वास से कोसों दूर विज्ञान आज उचाइयों तक पहुंच चुका है. तो वहीं आंध्रप्रदेश के एक गांव में आज भी लोगों का मानना है कि गांव के विशेष कुएं का पानी पीने से जुड़वा बच्चे पैदा होते हैं.

जी हां सही सुना आपने लेकिन ये दावा हमारा नहीं है बल्कि खुद इस गांव के रहने वाले लोगों का है. तो चलिए आपको बताते हैं कि क्या है मामला.

दोद्दिगुंटा एक छोटा सा गांव है जिसकी आबादी 4500 है. ये गांव आंध्र प्रदेश राज्य के पूर्वी गोदावरी ज़िले के रंगमपेटा मंडल के तहत आता है. छोटा सा ये गांव उस वक्त चर्चा में आया जब एक निजी टेलीविज़न चैनल में दिखाया गया कि इस गांव में मौजूद एक ख़ास कुएं का पानी पीने से जुड़वां बच्चों का जन्म होता है. साथ ही उनका मानना ये भी है कि कुएं के पानी से बीमारियां भी ठीक होती हैं. वैसे तो अभी हाल के समय तक यही कुआं गांव वालों के लिए पीने के पानी का प्रमुख जरिया था. लेकिन जब से इस कुंए की चर्चा हर जगह फैली है तब से यही कुआ चमतकारी कुए के रूप में देखा जाने लगा है.

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आब आपके मन में कई सवाल उठ रहे होंगे कि क्या सच में इस कुएं का पानी पीने से जुड़वा बच्चों का जन्म होता है. और अगर होता है तो ये सिलसिला कब शुरू हुआ होगा, वगेराह- वगेराह.. तो चलिए हम आपको बताते हैं इस चमत्कारी कुएं की इस गांव और इस चमत्कारी कुएं की पूरी कहानी.

अदापा वेंकटेश इस गांव के सरपंच हैं. वीके न्यूज की टीम ने जब उनसे इस बारे मे पूछताछ की तो उन्होने बताया कि.. करीब 15 साल पहले एक टीचर इस गांव में  जनगणना के लिए आंकड़े जमा करने आए . जो कि हर घर में जुड़वां को देखकर भौचक्के रह गए थे. बाद में उस अध्यापक का भी इसी गांव में तबादला हो गया. वहीं जब उनकी पत्नी ने भी बच्चों को यहां जन्म दिया तो वो भी जुड़वां ही थे. बस फिर क्या, उन्होंने ही ये ख़बर स्थानीय मीडिया को दी कि उनकी पत्नी ने कुएं का पानी पिया था जिस वजह से उनके घर जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ है. और बस यहीं से उनके गांव का नाम सुर्ख़ियों में आ गया.

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और अब आलम ये है कि सिर्फ़ इसी गांव के नहीं बल्कि दूसरे गांवों और ज़िलों से भी लोग यहां के कुएं का पानी लेने आते हैं. वेंकटेश ने बताया कि इस गांव में लगभग 110 जुड़वां हैं. और इस बात का दावा किया कि इसकी वजह उनते गांव के उस कुएं का पानी है. हालांकि डॉक्टर्स ऐसे किसी भी दावे को सिरे से ख़ारिज करते हैं. उनका कहना है कि “जीन और वंशानुगत कारक जुड़वां बच्चों के जन्म के लिए ज़िम्मेदार होते हैं.”

आपको बता दें कि इस गांव के अलावा एक शहर भी जिसे जुड़वा बच्चों के शहर के नाम से जाना जाता है. ये शहर है उत्तर पश्चिमी बोस्निया का ब्यूज़िम शहर जहां एक-दो नहीं बल्कि जुड़वां बच्चों का 200 जोड़े मौजूद है. करीब 20 हजार की आबादी वाले इस शहर में इतनी ज्यादा संख्या में जुड़वां बच्चे मौजूद होने की वजह से वहां के अधिकारियों ने इस शहर का नाम बूजिम से बदलकर ट्विन टाउन रखने की बात भी कही है.

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