बस या ट्रेन में सफर के दौरान बेटिकट पकड़े जाने पर कितनी बेइज्जती होती है, ये वो बेहतर तरीके से बता सकते हैं, जो ऐसा करके पकड़े गए हो। बेटिकट सफर करने वाले कभी कभी जुर्माना देकर छूट जाते हैं, लेकिन कभी-कभी तो इसके बदले जेल की हवा भी खानी पड़ती है और बेइज्जती होती है, सो अलग। आज तक आपने बेटिकट कई लोगों को अपनी आंखों के सामने पकड़ते देखा होगा, लेकिन क्या कभी आपने किसी कबूतर या जानवर को बेटकिट पकड़ाते देखा है। आप कहेंगे, इनकी कब से टिकट लगने लगी, तो आपको बता दें, कबूतर को टिकट न लेने के जुर्म ने रंगे हाथों पकड़ा गया।

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सुनकर आपको हंसी आ रही होगी और ये बेकार की बात लग रही होगी। भला कबूतर की कोई टिकट लेकर सफर करेगा? लेकिन हम बात दिल्ली की बसों की नहीं कर रहे हैं, बल्कि तमिलनाडु की कर रहे हैं। जहां सरकारी बस में जब खिड़की पर मजे करते हुए कबूतर ने सफर, तो कर लिया लेकिन बिना टिकट के सफर करने पर कंडक्टर को भारी पड़ गया।

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जी हां, घटना गुरुवार शाम की है। एक सरकारी बस में इल्लवाड़ी से हारुर टाउन जा रही थी। बस में 80 से ज्यादा यात्री सफर कर रहे थे, लेकिन इन्हीं के बीच एक कबूतर भी बस में बैठा सफर कर रहा था। बस हारुर के पास पहुंचते ही परिवहन विभाग के इंस्पेक्टरों ने बस में टिकट चैंकिग शुरु कर दी, इसी दौरान जब इंस्पेक्टर एक यात्री के पास पहुंचे, जिसके पास कबूतर था। जब उससे कबूतर की टिकट के बारे में पूछा तो, उसके पास कबूतर की टिकट नहीं थी। इसी केस में कंडक्टर को नोटिस दे दिया गया।

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आपको बता दें, कि तमिलनाडु में नियम है, कि सरकारी बसों में किसी भी पशु और पक्षियों का टिकट लेना अनिवार्य है। इसलिए जब कबूतर की टिकट नहीं काटी गई थी, तो कंडक्टर को भारी पड गया। लेकिन इसी दौरान कंडक्टर ने अपनी सफाई में कहा, कि जब यात्री बस में चढ़ा था, तो वो शराब के नशे में पूरी तरह डूबा हुआ था और उसके पास कोई कबूतर नहीं था। वही कंडक्टर का पक्ष लेते हुए एक यात्री ने कहा, कि 30 से ज्यादा पक्षियों के सफर करने पर ये नियम लागू होता है, तो एक कबूतर को साथ रखने पर टिकट लेना कोई ज़रुरी नहीं है।

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