एक इंसान को जितना दूसरे इंसान से लगाव नहीं होता, उससे कहीं ज्यादा उन्हे जानवरों से प्यार होता है, लेकिन एक महिला का जानवर के लिए इतना प्यार की, उसने अपनी सारी संपत्ति तक उसके नाम कर दी। जी हां, ये कहानी एक सबिस्ता नाम की महिला और चुनमुन नाम के बंदर की है।

राय बरेली की निवासी सबिस्ता और बंदर चुनमुन

सबिस्ता को चुनमुन से इतना प्यार था, कि उसने अपने घर में उसके लिए दो रुम तक बनवा रखे थे। जहां एयरकंडिशनर और हीटर भी लगवा रखा था। हालांकि पिछले साल चुनमुन की मौत हो गई। जिसके बाद महिला ने उसके नाम का मंदिर तक बनवा दिया। बीते मंगलवार को मंदिर में राम-लक्ष्मण और सीता के साथ बंदर की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इतना ही नहीं, इस मौके पर बंदर के लिए भंडारा भी कराया गया.

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आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इस महिला ने अपने घर का नाम भी बंदर के नाम पर रखा हुआ है. बता दे, सस्बिता रायबरेली के शक्तिनगर में रहती है सबिस्ता को ये बंदर 13 साल पहले मिला था। सबिस्ता मानती हैं कि चुनमुन के आने के बाद मानो उनकी जिंदगी ही बदल गई थी. खास बात ये है, कि सबिस्ता एक मुस्लिम परिवार से है, इसके बावजूद उसने घर में मंदिर बनवाया। दरअसल, साल 1998 में सबिस्ता ने ब्रजेश श्रीवास्तव से लव मैरीज की थी। इन दोनों की कोई संतान नहीं थी। सबिस्ता का कहना है, कि

उनकी शादी के सब खिलाफ थे। जिसके बाद घर में सभी काम ठप्प हो गए थे, हमारे ऊपर कर्ज भी बढ़ने लगा था, इसके लिए हमने हिन्दू-धर्म ग्रंथ पढ़ना शुरु किया। लेकिन इसी बीच हमने एक मदारी से चुनमुन को खरीद लिया, तब चुनमुन 3 महीने का था, चुनमुन के आने के बाद हमारे घर में हर तरफ से खुशी आने लगी। हमारे सभी कर्ज उतरते चले गए और काम भी अच्छे से चलने लगा।

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आपको बता दे, कि साल 2010 में शहर के पास ही छजलापुर निवासी अशोक यादव के यहां पल रही बंदरिया से चुनमुन का विवाह भी कराया गया. सबिस्ता के मुताबिक, उनकी कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने चुनमुन को ही अपना बेटा मान लिया. चुनमुन के नाम से एक संस्था बनाई और सारी संपत्ति उसके नाम कर दी।