अंडा का फंडा, आज तक किसी के समझ नहीं आया। पहले अंडा आया या मुर्गी ये सवाल अभी भी अनसुलझा है। एक सवाल और है, जो लोग अक्सर पूछ लेते हैं, कि अंडा शाकाहारी या मांसाहारी? इसे मांसाहारी मानने वालों के लिए ये उतनी ही अशुद्ध और अछूत है, जितना कि चिकन और मटन। लेकिन जो अंडे के शौकिन हैं, उनके लिए तो संडे हो या मंडे, डाइट में ज़रूर शामिल होते हैं अंडे। लेकिन अगर आपको अंडे पसंद है और आप इसे सिर्फ इसलिए नहीं खा पाते, क्योंकि ये मांसाहारी हैं, तो ये खबर आपके लिए ही है, क्योंकि आपको ये जानकर खुशी होगी, कि अंडा शाकाहारी है और आप इसे चांव से खा सकते हैं। इसपर वैज्ञानिकों ने भी मुहर लगा दी है।

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Rooster and eggs

अब लोग सवाल करेंगे, कि अंडा देती तो मुर्गी है, फिर ये शाकाहारी कैसे हुआ। मुर्गी से आया अंडा भी तो मांसाहारी ही हुआ ना। उन लोगों को आप ऐसे समझा सकते हैं, कि दूध गाय से ही तैयार होता है, तो वो शाकाहारी कैसे हुआ? अब अंडे के शाकाहारी होने के पीछे वैज्ञानिकों के तर्क हो समझिए। लोग अंडे को इसलिए मांसाहारी मानते हैं, क्योंकि इसके अंदर से मुर्गी का बच्चा यानी (चूज़ा) पैदा होता है। लेकिन ये बात बहुत कम ही लोगों को पता है, कि बाजार में मिलने वाले ज्यादातर अंडे अन फर्टिलाइज्ड होते हैं। इसका मतलब ये है, कि उनसे कभी चूज़े पैदा हो ही नहीं सकते। वैज्ञानिकों ने कई रिसर्च कर इस बात की पुष्टी की है।

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Chick and its broken shellआपको बता दें, कि मुर्गी जब 6 महीने की हो जाती है, तो वो अंडे देने लगती है। लेकिन ज़रूरी नहीं की अंडे देने के लिए मुर्गी, मुर्गे के संपर्क में आई हो। जो अंडे मुर्गियां बिना मुर्गे के संपर्क में आए देती हैं वो अन-फर्टिलाइज्ड होते हैं। इनमें से चूज़े कभी हो ही नहीं सकते। वैज्ञानिकों ने रिसर्च के बाद ये साफ़ किया है, कि अंडे के ऊपरी शेल जिसे हम Albumen कहतें है उसमें सिर्फ और सिर्फ प्रोटीन पाया गया है। साथ ही अंडे के भीतरी भाग, जिसे हम Egg Yolk कहते हैं, उसमें उन्हें प्रोटीन के साथ साथ भारी मात्रा में कोलेस्ट्रोल और फैट मिला। इन सभी शोधों में वैज्ञानिकों ने अंडे में कहीं भी मुर्गी का कोई भी अंश नहीं पाया। जिसके बाद साइंटिफिक तरीकों से अंडे को वैज्ञानिकों ने शाकाहारी बताया है।