चैटिंग या मैसेज में अपनी फीलिंग शो करनी हो तो आप क्या करते हैं? फोटो सेंड करते हैं, कि मैं दुखी हो या अब हंस रहा हूं, नहीं। आप येलो कलर के इमोजी का यूज़ करते हैं, सही कहा ना। इन इमोजी की चैटिंग करते ऐसी आदत पड़ गई है, कि बिना इमोजी के चैटििंग बोरिंग लगने लगती है, जब तक स्माइल इमोजी, सैड इमोजी, गुस्से वाली इमोजी को यूज नहीं कर लेते, तब तक चैटिंग का मजा ही नहीं आता। लेकिन जिस इमोजीज का आप इस्तेमाल करते हैं, क्या आपको पता है कि वो इमोजी आई कहां से हैं?

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जिन इमोजी ने आपकी चैटिंग को इतना यूनिक और इंट्रस्टिंग बना दिया है, वो कहां से आई, किसने इसकी शुरुआत की , कौन हैं जिसने पहली बार इमोजी़ बनाई होगी? इन सब सवालो के जवाब आप यकीनन जानना चाह रहे होंगे। तो आपको बता दें कि इमोजी का राज ऱुल गया है और पता चल गया है, कि इस इमोजी की शुरुआत हुई कहां से और किसने पहला इमोजी बनाया था।

इमोजी की शुरुआत

दुनिया का सबसे पुराना स्माइली फेस सन 1648 में इंग्लैंड के रॉर्बट हेरिक की किवता ‘टू फॉर्चून’ में पाया गया था।  माना जाता था, कि यही से इमोजी की शुरुआत हुई है, लेकिन एक बार फिर ये बात सामने आई है, कि इमोजी  इससे भी पहले सन 1635 के एक कानूनी पेपर में पाया गया है। जहां से स्माइली फेस की शुरुआत हुई। साइंटिस्ट इसका दावा कर रहे हैं, कि 382 साल पहले स्लोवाकिया में इमोजी सबसे पहले देखा गया था, जो कि म्यूनिसिपिल अकाउंट के कानूनी दस्तावेज में बनाया गया था। ये स्माइली एक वकील ने स्ट्रजोव माउंटेन के पास एक गांव में ये डॉक्यूमेंट रिव्यू करते वक्त बनाया था। जिसमें अपने सिग्नेचर करते वक्त उन्होंने एक गोला बना कर बीच में दो डॉट औऱ नीचे एक लाइन बनाई, जिसका नाम स्माइली दिया गया।

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स्लोवाकिया के नेशनल आर्काइव के हेड, पीटर ब्रिनजा का कहना है कि कानूनी दस्तावेजों में मिले इमोजी को स्ट्रेट-फेस एक्सप्रेशन भी कहा जा रहा है, लेकिन इस इमोजी के साथ जो टेक्स्ट लिखा था उसके मुताबिक वकील को उन अकाउंट्स में कोई परेशानी नजर नहीं आई, उनका ये भी कहना है कि ‘मुझे नहीं पता कि ये दुनिया की सबसे पुरानी इमोजी है की नहीं लेकिन ये ट्रेंसिन शहर की सबसे पुरानी इमोजी जरूर है’।

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