आमतौर पर हम सब किसी भी होटल में जाकर ठहरने के पैसे देते हैं, पर अगर ठहरने के साथ खाना खाना पड़े तो मानिये कि आपका खर्चा और बढ़ गया । पर क्या आपने कभी सोचा है कि अगर होटल में जाकर आपको खाने के पैसे ही न देने पड़े तो, आप कह रहे होंगे कि क्या मजाक कर रहे हो आप, पर बुरा मत मानिये यह सच बात है।

सुनने में बेशक ही आपको अजीब लगे पर यह सच बात है कि केरल में एक ऐसा होटल भी है जहां आपको खाने के पैसे नहीं देने पड़ेंगे। आप चाहे तो अपनी मर्जी से कुछ भी दे सकते हैं। मगर आपसे कोई पैसे नहीं मांगेगा ।सबसे अजीब बात तो यह है कि यह होटल के साथ-साथ शाम के समय यह एक लाइब्रेरी का रूप ले लेता है। इस होटल का का नाम है अंजप्पम, जोकि केरल के रन्नी और कांझेचेरी में चलाया जाता है।

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इस होटल को अंजप्पम ट्रस्ट के द्वारा चलाया जाता है, जिसकी वजह से होटल का नाम भी अंजप्पम पड़ गया, इस होटस की स्थापना बॉबी जोस नाम के पादरी ने की है।

पादरी बॉबी जॉस यूं तो एक लेखक हैं, पर उन्होंने इस होटल का निर्माण गरीब लोगों की सेवा करने के लिये किया है, यहां पर वैसे तो खाने में आपको 15 रुपए में नाश्ता और 25 रुपए में भरपेट खाना दिया जाता है, पर अगर आपके पास पैसे नहीं है तो कोई आपसे पैसे नहीं मांगेगा। इसके लिए  फादर ने अप्पाकुट्टू नाम से एक सोसायटी बनाई है जो रेस्टोरेंट चलाने में मदद करती है। खास बात ये है कि यह सोसायटी खाने के साथ ही लोगों को पढ़ने के लिए भी प्रेरित करती है। शाम छह बजे के बाद यह रेस्टोरेंट एक लाइब्रेरी में तब्दील हो जाता है। यहां लोग आते हैं और अपनी पसंद की किताबें पढ़कर ज्ञान बढ़ाता है। यह ट्रस्ट बच्चों की काउंसलिंग भी करता है और उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी शामिल करता है।