हरियाणा के 12 वीं के एक छात्र को Google से नौकरी मिलने की ख़बर इन दिनों हर जगह छाई हुई है। दो दिनों तक हर पन्ने पर, टीवी की स्क्रीन पर, रेडियो की आवाज़ में एक ही नाम दिख और सुनाई दे रहा था। लेकिन ये नाम और इसका शोर अब कहीं गुम हो गया है। हर्षित का नाम तो खूब उछल रहा है लेकिन हर्षित और उसके घरवाले गायब हो गए हैं। वजह है उसके साथ हुआ धोखा!

गूगल से नौकरी मिलने का दावा करने वाला हर्षित

दरअसल तीन दिनों पहले एक खबर आई थी, कि चंडीगढ़ के सेक्टर-33 के सरकारी स्कूल के 12वीं के छात्र हर्षित को गूगल ने 1.44 करोड़ सालाना पैकेज पर नौकरी दी है। इस खबर के बाद स्कूल में मिठाई बंटी, मथाना गांव में उसका सम्मान भी हुआ। लेकिन अगले ही दिन जब गूगल से इसकी पुष्टी की गई, तो मामला फर्जी निकला और गूगल ने ऐसे किसी ऑफर से इनकार कर दिया। अब स्कूल के प्रिंसिपल से लेकर हर्षित के परिवार वाले सबने चुप्पी साध ली है। इतना ही नहीं, हर्षित खुद मोबाइल बंद कर बैठा है।

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Google Office

कैसे हुआ ये फ्रॉड ?

दरअसल 15 दिन पहले हर्षित ने अपने स्कूल के आईटी टीचर को बताया था, कि उसका चयन गूगल में हो गया है। इससे खुश होकर हर्षित ने सभी को मिठाई बांटी थी। इसके बाद टीचर्स ने ये बात प्रिंसिपल को बताई। प्रिंसिपल ने ये बात लिखित में मंगवाई और टीचर्स ने बिना वेरिफिकेशन खबर के तौर पर पूरी कहानी लिखकर प्रिंसिपल को दे दी। प्रिंसिपल ने भी बिना देर किए एक लेटर चंडीगढ़ ऐजुकेशन डिपार्टमेंट के पीआरओ को भेज दिया। पीआरओ ने उत्साहित होकर मीडिया में खबर दे दी और प्रेस विज्ञप्ति जारी कर हर्षित के गूगल सिलेक्शन को खबर को छाप दिया। फिर क्या था रातों-रात गुड़गांव का हर्षित देश भर का हीरो बन गया।

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Fake offer latter

ऐसे नहीं है, कि पीआरओ ने वेरिफिकेशन नहीं किया। पीआरओ की ओर से गूगल की तरफ से हर्षित को मिला ऑफर लेटर भी मांगा गया था, जिसे हर्षित से अवेलेबल भी करवाया था। लेकिन मामले में पेंच तब आया, जब एक अंग्रेजी अखबार में गूगल ऑफिस से इस लेटर की पुष्टि की। गूगल के अधिकारियों ने इसे फर्जी बता दिया। अब इसके बाद हर्षित और उसका परिवार मुंह छिपाते फिर रहा है। उसके स्कूल के प्रिंसिपल भी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं।

Google office

फर्जी कंपनी का शिकार हुआ हर्षित ?

आए दिन बड़ी-बड़ी कंपनियों के नाम पर ठगी के मामले सामने आते रहे हैं। मेल पर ये कंपनियां नौकरी या लॉटरी लगने का झांसा देती है और ऑफर लेटर समेत सारे फर्जी दस्तावेज भी भेज देते हैं। और इसके बहाने उगाही करते हैं। तो क्या हर्षित के साथ भी ऐसा ही हुआ। और हर्षित इन ठगों के जाल में फंस गया ?