सरदार पटेल की भव्य मूर्ति के चर्चे देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में हो रहे हैं. क्यों कि 182 मीटर ऊंची सरदार पटेल की मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ दुनिया में सबसे ऊंची मूर्ति है. साथ ही ये न्यूयॉर्क स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी ऊंची प्रतिमा हैं, तो वहीं विश्व में अबतक की सबसे ऊंची प्रतिमा चीन की स्प्रिंग टेंपल बुद्धा से 50 मीटर से भी ज्यादा ऊंची है.

सरदार पटेल की इस मूर्ति को बनाने में महज 33 महीने लगे और इसकी लागत लगभग 21सौ करोड़ आई है. लेकिन अब सरदार पटेल की इस मूर्ति से जुड़ी सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जमकर वायरल हो रही है.

दरअसल तस्वीर में सरदार पटेल की मूर्ति के सामने एक गरीब बेघर परिवार बैठा हुआ नज़र आ रहा है. और जिसमें एक महिला सड़क पर खाना बनाती हुई दिख रही है. साथ ही दो छोटे बच्चे खाना खाते हुए नज़र आ रहे हैं. और इस तस्वीर को ऐसे दावे के साथ पोस्ट किया जा रहा है. जिसमें ये दिखाने की कोशिश की जा रही है कि आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण करके सरदार पटेल की प्रतिमा का निर्माण किया.

जरुर पढ़ें:  वायरल पड़ताल : सरदार पटेल की मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ में आ गई दरारें!

इसके अलावा शशांक मुकुट शेखर नाम के एक भाई साहब ने इस तस्वीर को फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि क्या सरदार पटेल गरीब मजदूरों का घर उजाड़कर अपनी प्रतिमा लागाने के पक्षधर होते. साथ ही इस तस्वीर को शेयर करते समय कुछ लोग #statueofdisplace men हैशटैग का भी इस्तेमाल कर रहे है.

ऐसी कई पोस्ट हैं जिनमें इस तस्वीर का सहारा लेकर ये दिखाया जा रहा है कि सरदार पटेल की इस मूर्ति को आदिवासी समुदाय के कई परिवार को बेघर करके बनाया गया है. जब हमने इन तस्वीरों को देखा तो हम भी हैरान रह गए क्या वाकई में पटेल साहब की प्रतिमा को आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण करके बनाया गया है.

जरुर पढ़ें:  वायरल पड़ताल : कुंभ मेले में योगी सरकार बांटेगी पांच लाख कंडोम!

फिर हमने इसकी पड़ताल की सबसे पहले हमने इस तस्वीर के बारे में गूगल पर सर्च किया. तो ये तस्वीर निकलकर सामने आई. बता दें कि ये तस्वीर अहदाबाद की है जिसे न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने 26 फरवरी 2010 को पोस्ट किया था. इस तस्वीर के साथ कैप्शन भी लिखा था जिसमें लिखा कि अहमदाबाद में बेघर बच्चे फुटपाथ पर खाना खाते हुए.

और हाल ही में किसी कलाकारी भाई साहब ने फोटोशाप का सहारा लेकर दो फोटो को एक साथ जोड़ा दिया. फिर इसे सरदार पटेल की मूर्ति से जोड़कर और आदिवासी समुदाय के कई परिवारों को बेघर बताकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया.

जरुर पढ़ें:  टी-स्टॉल' पर लगी अभिनंदन की तस्वीर, लिखा ऐसी चाय जो दुश्मन को भी दोस्त बना दे..

इसलिए हमारी पड़ताल में तस्वीर को जिन दावों के शेयर किया गया है वो एकदम फर्जी साबित हुए. वीके न्यूज़ल की मुहिम fight agains fake news जारी है. अगर आपके पास भी इस तरह की कोई पोस्ट या तस्वीर है जिसकी सच्चाई पर आपको शक है तो उसे हमारे साथ साझा करें हम उसकी पड़तात करे सच्चाई आप तक पहुचायेगे.

Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here