राम मंदिर का मुद्दा इन दिनों काफी गरमाया हुआ है. जहां एक तरफ तमाम हिंदू संगठन राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार को विधेयक लाने के लिए दबाव बना रहे हैं तो वही सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई भी ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

साथ ही हालहीं में विश्व हिंदू परिषद समेत तमाम हिंदू संगठन ने अयोध्या में एक बड़ी धर्मसभा का आयोजन किया. जिसमें 2 लाख लोगों के आने की संभावना जताई जा रही थी. लेकिन इस धर्मसभा में कितने लोगों की भीड़ उमड़ी ये तो आपको बाद में बताएंगे मगर इससे पहले आपको इस धर्म सभा को लेकर वायरल होने वाली चार तस्वीर दिखाना चाहते हैं जो इन दिन सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है.

और इन तस्वीरों के बारे में दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद की हुई धर्मसभा की हैं. और इन तस्वीरों को सूर्यनारायण बजरंग दल नाम के एक फेसबुक पेज पर शेयर किया गया है. तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि भगवा रंग के झंडे के साथ लोग भगवा कपड़े पहने बड़ी तादात में दिख रहे हैं.

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साथ इस इन तस्वीरों को पोस्ट करते समय लिखा है कि राम मंदिर के निर्माण को लेकर दबाव बनाने के लिए रविवार को vhp की बड़ी धर्मसभा मे पहुंचे साधूं, संत और हिंदू कार्यकर्ताओं से अयोध्या की सड़के भर गईं.

इसके अलावा इन तस्वीरों को बीजेपी के सांसद प्रताप सिम्हा ने भी अपने ट्वीटर हैंडल पर शेयर किया है. साथ ही लिखा है.कि कैप्शन की कोई जरूरत नहीं है. यनि कि सांसद साहब के हिसाब से तस्वीर में देखकर ही पता चल रहा है कि काफी भीड़ है. इस पोस्ट को कई लोगो ने लाइक और रीट्वीट किया है.

जब हमने इन तस्वीरों को देखा तो सबसे पहले हमारे दिमाग में बीबीसी में छपी एक हाल की खबर ध्यान में आई. जिसमें अयोध्या में हुई विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा का जिक्र है. खबर में लिखा था कि धर्मसभा में न वीएचपी दावे के मुताबिक दो लाख लोग इकट्ठे कर पाई और न ही वो बीजेपी के इस हिंदू विधानसभा क्षेत्र में कोई नया संदेश दे पाई. यानि तस्वीरों को देखकर तो ऐसा लगता है कि इसमें लाखों की तदात में भीड़ हो लेकिन बीबीसी की खबर पर नज़र डाली जाय तो इन तस्वीरों पर कतई भी यकीन नही हो रहा है.

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फिर हमने इसकी आगे पड़ताल शुरू की. सबसे पहले हमने गूगल पर रिवर्स इमेज की एक वेबसाइट पर तस्वीर को अप्लोड किया तो पता चला कि ये तस्वीर मुंबई में हुए मराठा क्रांति मोर्चा आंदोलन की है. जो साल 2016 में हुआ था. अब आप सोच रहे होंगे कि रिवर्स इमेज क्या है. दरअसल ये एक वेबसाइट है जिसमें किसी भी तस्वीर को अप्लोड करने पर पता चल जाता है कि ये तस्वीर कहां की है.

लेकिन इसके लिए ये भी अहम है कि वो तस्वीर कभी गूगल पर उपयोग की हो. फिर हमने आगे और पड़ताल की तो यही तस्वीर एक्टर रितेश देशमुख के ट्वीटर हैंडल पर मिली. उन्होने एक कैप्शन भी लिखा जिममें उन्होने महाराष्ट्र में मराठा क्रांति मोर्चा के आंदोलन का ही जिक्र किया है.

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इसलिए हमारी पड़ताल में तस्वीर तो ठीक निकली लेकिन तस्वीरों को अयोध्या की धर्मसभा के बताने वाले दावे एकदम फर्जी साबित हुए. वीके न्यूज़ की मुहिम fight agaist fake news जारी है अगर आपके पास भी इस तरह की कोई तस्वीर या पोस्ट है जिसकी सच्चाई पर आपको शक है तो उसे हमारे साथ साझा करें हम उसकी पड़ताल करके सच्चाई आप तक पहुंचाएंगे.

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