क्रिकेट की दुनिया में बीसीसीआई यानी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सबसे अमीर माना जाता है। बीसीसीआई अपने ख‍िलाड़‍ियों से लेकर कोच तक पर बहुत पैसा खर्च करती है। BCCI अनुबंधित खिलाडियों को चार श्रेणियों में रखता है A+, A, B और C. इसके तहत A+ ग्रेड वाले खिलाड़ी को हर साल 7 करोड़ रुपये, A ग्रेड वाले खिलाड़ी को 5 करोड़ रुपये और B ग्रेड वाले को पूरे साल में 3 करोड़ रुपये और C ग्रेड के खिलाड़ी को हर साल 1 करोड़ रुपये दिए जाते हैं। लेकिन क्‍या आपको पता है ख‍िलाड़‍ियों से इतर मैच रेफरी, अंपायर और यहां तक कि स्‍कोरर को कितने पैसे मिलते हैं।
2018 में दोगुनी की गई सभी की फीस

बता दें कि बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति ने किसी भी मैच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सपोर्टिंग स्टाफ की सैलरी अप्रैल 2018 में दोगुनी कर दी है। इन सपोर्टिंग स्टाफ की फीस 2012 के बाद नहीं बढ़ाई गई थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है।

अंपायर को कितना पैसा मिलता है?

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पास रिजर्व अंपायर्स की संख्‍या 105 है। इनमें से टॉप-20 अंपायर्स की एक कैटेगरी है। इन अंपायर्स को मैच के दौरान हर दिन के 40,000 रुपये मिलते हैं। जबकि T-20 मैच के लिए 20,000 रुपये प्रति मैच मिलते हैं। टॉप-20 के अलावा बाकी बचे 85 अंपायर्स को एक T20 मैच के लिए 15,000 रुपये मिलते हैं, जबकि वनडे और टेस्‍ट मैच के लिए प्रति दिन 30,000 रुपये मिलते हैं। अंपायर्स को इसके अलावा 1500 रुपये का दैनिक भत्ता भी मिलता है।

जोनल क्यूरेटर

किसी भी मैच के शुरू होने से पहले आप टीवी पर एक शख्‍स को देखते होंगे, जो पिच के बारे में ज्ञान बांच रहा होता है। इन्‍हें पिच क्‍यूरेटर या जोनल क्‍यूरेटर बोलते हैं। उनका काम यह बताना होता है कि पिच गेंदबाजों को मदद करेगी या बैट्समैन की। इस शख्‍स के ऊपर ही क्रिकेट पिच तैयार करवाने की भी जिम्‍मेदारी होती है। जोनल क्‍यूरेटर्स को हर साल 12 लाख रुपये वेतन दिया जाता है। इनके सहायक क्यूरेटर भी होते हैं, जिन्‍हें सलाना 8.4 लाख रुपये वेतन दिया जाता है।

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मैच रेफरी

बीसीसीआई के पास 58 रेफरी हैं, जो फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट खेल चुके पूर्व खिलाड़ी हैं। इन लोगों को मिलने वाली फीस 30,000 रुपये प्रतिदिन है। जबकि T-20 मैचों के लिए इन्‍हें 15,000 रुपये प्रति मैच दिया जाता है। बाहर से आने वाले मैच रेफरी को अंपायर की तरह ही 1500 रुपये दैनिक भत्ता मिलता है, जबकि लोकल मैच रेफरी के लिए डेली अलाउंस 1000 रुपये है।

मैच स्कोरर

स्‍कोरर का काम मैच के स्‍कोर अपडेट करना है। बीसीसीआई के पास 153 रजिस्टर्ड स्कोरर हैं। स्‍कोरर की ही जिम्‍मेदारी है कि वह मैच के बाकी आंकड़ों का भी लेखा-जोखा रखे। मसलन, किस खिलाड़ी ने कितने रन और विकेट लिए हैं, कितने मैच खेले हैं, कौन-कौन से रिकॉर्ड हैं आदि। इन्‍हें वनडे और टेस्‍ट मैच के लिए प्रतिदिन 10000 रुपये दिए जाते हैं। जबकि T-20 मैच के लिए 5,000 रुपये मिलते हैं। यदि मैच रेफरी बाहर का है तो 1,500 रुपये दैनिक भत्ता और अगर लोकल है तो 1000 रुपये का भत्ता दिया जाता है।

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विडियो एनालिस्ट

विडियो एनालिस्ट का काम दोनों टीम के मैच का विडियो एनालिसिस करना है। यानी तुलना कर यह पता लगाना कि गेंदबाज और बल्‍लेबाज की ताकत और कमियां क्‍या-क्‍या हैं। विडियो एनालिस्‍ट का काम इसलिए भी महत्‍वपूर्ण है कि इसी के आधार पर टीम मैच के लिए रणनीति बनाती है। बीसीसीआई के पास 185 विडियो विडियो एनालिस्ट हैं। वनडे और टेस्‍ट मैच के लिए इनकी फीस 15 हजार रुपये प्रतिदिन है।

असिस्टेंट विडियो एनालिस्ट को 10 हजार रुपये प्रतिदिन दिया जाता है। दूसरी ओर, T-20 मैच के लिए विडियो एनालिस्ट को 7,500 रुपये प्रति मैच और असिस्टेंट विडियो एनालिस्ट को 5000 रुपये प्रति मैच दिया जाता है। इन दोनों के लिए भी दैनिक भत्ते की व्‍यवस्‍था है। बाहरी के लिए 1500 रुपये और स्‍थानीय के लिए 1000 रुपये।

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