चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान से मिली हार का बदला शायद अब टीम इंडिया कभी नहीं ले पाएगी। भले ही चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले ने लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हो, भले ही भारतीय फैंस साल 2021 में चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करने और पाकिस्तान को हराने का ख्वाब देख रहे हो। लेकिन इस बात की पूरी गुंजाइश है, कि अब भारत अपना हार का बदला कभी नहीं ले पाएगा। जीहां आईसीसी के सीईओ डेविड रिचर्डसन का कहना है, कि इंग्लैंड में खेली गई यह चैंपियंस ट्रॉफी, आखिरी साबित हो सकती है। रिचर्डसन के मुताबिक अभी तक तो 2021 में भारत में अगली चैंपियंस ट्रॉफी, आईसीसी को योजनाओं में शामिल है। लेकिन इसे बीच में खत्म भी किया जा सकता है।

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लंदन में आईसीसी की सालाना बैठक में रिचर्डसन ने कहा, कि ‘चैंपियंस ट्रॉफी वनडे क्रिकेट के वर्ल्डकप के जैसा ही टूर्नामेंट है। और जब हर चार साल बाद वर्ल्डकप होता है, तो इसे क्यों जारी रखा जाए, चैंपियंस ट्रॉफी की जगह पर हर दो साल में टी 20 वर्ल्डकप का आयोजन कराया जा सकता है।’ उनका मानना है, कि टी 20 वर्ल्डकप के जरिए ज्यादा देशों की टीमों को उसमें शामिल किया जा सकता है। उनका कहना है कि आईसीसी टी20 वर्ल्डकप को और ज्यादा लोकप्रिय बनाने के लिए इसमे 20 टीमों को शामिल कर सकती है।

सीईओ डेविड रिचर्डसन की बातों से साफ अंदजा लगाया जा सकता है, कि वो अब चैंपियंस ट्रॉफी की जगह टी-20 वर्ल्डकप को ज्यादा प्राथमिकता देना चाहते है, ऐसे में अब 2021 में चैंपियंस ट्रॉफी का होना एक अनहोनी जैसा है।

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