क्रिकेट के यो-यो टेस्ट के बारे में पता है ? हर खिलाड़ी को पास करना होता है अनिवार्य

अभी-अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर्मेंट लेने वाले भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा आजकल स्टार स्पोर्ट्स पर वीरेंदर सहवाग के साथ जमकर कमेन्ट्री कर रहे हैं। इसी कमेन्ट्री के दौरान आशीष ने एक बहुत ही चौंका देने वाले टेस्ट का नाम बताया जिसे यो यो टेस्ट के नाम से जाना जाता है। Yo Yo टेस्ट दरअसल खिलाडियों की फुर्ती और मानसिक क्षमता की जांच करता है।

यो यो बीप टेस्ट क्या होता है?

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फुटबाल, रग्बी और क्रिकेट में ‘यो-यो बीप टेस्ट’ किसी खिलाड़ी के दमखम का परीक्षण करने के लिहाज से सबसे अहम माना जाता है। यही कारण है, कि दुनिया भर की टीमों ने इसे अनिवार्य कर रखा है। इस टेस्ट में कई ‘कोन्स’ की मदद से 20 मीटर की दूरी पर दो पंक्तियां बनाई जाती हैं। खिलाड़ी लाइन के पीछे अपना पांव रखकर शुरुआत करता है और निर्देश मिलते ही दौड़ना शुरू करता है। उसे 20 मीटर की दूरी पर बनी दो पंक्तियों के बीच लगातार दौड़ना होता है और जब बीप बजती है तो मुड़ना होता है।

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हर मिनट स्पीड करनी होती है तेज 

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हर एक मिनट या तय किए गए समय में खिलाड़ी को अपने दौड़ने की स्पीड को तेज करना होता है। अगर वो समय पर लाइन तक नहीं पहुंचे तो दो और ‘बीप’ के बाद उसे तेजी पकड़नी होती है। अगर इसके बाद भी खिलाड़ी दो छोरों पर मानकों के मुताबिक तेजी हासिल नहीं कर पाता तो उसका टेस्ट रोक दिया जाता है। ये पूरी प्रक्रिया साफ्टवेयर पर आधारित होती है, जिसमें रिजल्ट रिकॉर्ड किए जाते हैं। यो यो टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर सबसे आगे माने जाते हैं। इस टेस्ट में उनका औसतन स्कोर 21 होता है।

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भारतीय खिलाडियों का ये है यो यो टेस्ट स्कोर 

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यो यो टेस्ट में खिलाडी का औसतन स्कोर 19.5 होता है। कप्तान विराट कोहली खुद इस टेस्ट में मानदंड स्थापित कर रहे हैं। वे हमेशा ही इसमें 21 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाते हैं। श्रीलंका के लिए टीम चयन से पहले भी कोहली के साथ-साथ रवींद्र जडेजा और मनीष पांडे ने 21 का स्कोर बनाया है।

2019 के वर्ल्डकप के लिए कोई ढील नहीं

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2019 विश्वकप को देखते हुए कोच रवि शास्त्री, कप्तान विराट कोहली और चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद किसी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं हैं। इन तीनों ने बोर्ड से भी साफ़ कह दिया है कि कितना भी बड़ा नाम क्यों न हो उसकी फिटनेस से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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